#Aryabhata is the first such teacher who does not come in the category of Bhagwan or Rishi, but at the same time his respect is the same.

At present, many types of astrology systems are prevalent in India - Solar system, Brahma system, Vedic system.

But, one is also popular by the name of Aryabhata - 'Arya Siddhanta System'. In this way, even after being the first human teacher, he is remembered with respect along with the 'Devtas' and sages.

Aryabhata was the first to try to explain that the reason for the existence...
of day and night is the rotation of the earth on its axis. Modern science has detected two types of motions of the earth.

First it rotates on its own axis and secondly it revolves around the Sun. Aryabhata believes only the first, not the second.
But it is true that for the first time in reese India, he had accepted the rotation of the earth and tried to fix the day accordingly.

He was brilliant. 👌🏻👍🏻â

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#कर्मफल तो भोगने ही पड़ेंगे, इस जन्म या अगले जन्म :

एक राजा बड़ा धर्मात्मा, न्यायकारी और ईश्वर का भक्त था। उसने ठाकुर जी का मंदिर बनवाया और एक ब्राह्मण को उसका पुजारी नियुक्त किया। वह ब्राह्मण बड़ा सदाचारी, धर्मात्मा और संतोषी था।


वह राजा से कभी कोई याचना नहीं करता था, राजा भी उसके स्वभाव से बहुत प्रसन्न था। उसे राजा के मंदिर में पूजा करते हुए बीस वर्ष बीत गये। उसने कभी भी राजा से किसी प्रकार का कोई प्रश्न नहीं किया।

राजा के यहाँ एक लड़का पैदा हुआ था। राजा ने उसे पढ़ा लिखाकर...

विद्वान बनाया और बड़ा होने पर उसकी शादी एक सुंदर राजकन्या के साथ करा दी। शादी करके जिस दिन राजकन्या को अपने राजमहल में लाये उस रात्रि में राजकुमारी को नींद न आयी।

वह इधर-उधर घूमने लगी जब अपने पति के पलंग के पास आयी तो क्या देखती है कि हीरे जवाहरात जड़ित...

मूठेवाली एक तलवार पड़ी है।

जब उस राजकन्या ने देखने के लिए वह तलवार म्यान में से बाहर निकाली, तब तीक्ष्ण धारवाली और बिजली के समान प्रकाशवाली तलवार देखकर वह डर गयी व डर के मारे उसके हाथ से तलवार गिर पड़ी और राजकुमार की गर्दन पर जा लगी।

राजकुमार का सिर कट गया और वह मर गया।

राजकन्या पति के मरने का बहुत शोक करने लगी। उसने इसगवार से प्रार्थना की कि, 'हे प्रभु! मुझसे अचानक यह पाप कैसे हो गया? पति की मृत्यु मेरे ही हाथों हो गयी। आप तो जानते ही हैं, परंतु सभा में मैं सत्य न कहूँगी क्योंकि...
विज्ञप्ति जारी (आवश्यक सूचना) :

-जोशीमठ, चमोली
(आश्विन कृष्ण चतुर्दशी तदनुसार दिनांक 5 अक्टूबर 2021)

ज्योतिर्मठ में आयोजित होगा शारदीय नवरात्रि महोत्सव :- आगामी 7 अक्टूबर से पूरे देश में शारदीय नवरात्रि में शक्ति उपासना का क्रम शुरू हो जाएगा।

चतुराम्नाय शांकर पीठ में अन्यतम ज्योतिर्मठ जिसे 'श्रीमठ' भी कहा जाता है।

इस शक्ति क्षेत्र में विविध क्रम से साधक अपनी - अपनी 'शक्ति' उपासना और आराधना सम्पन्न करते हैं।

उत्तर भारत की आध्यात्मिक राजधानी 'ज्योतिर्मठ' जो कि उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में स्थित है।

वहां पर स्थापित तोटकाचार्य गुफा ज्योतिष्पीठ परिसर में प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी अखिलकोटिब्रहाण्ड नायिका राजराजेश्वरी त्रिपुरसुन्दरी माता जी की भव्य आराधना कार्यक्रम सम्पन्न होगा।

ज्योतिष्पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज ने...

भगवती के श्रृंगार के लिए रजत मुकुट और ६४ योगिनी देवियों के लिए विशेष वस्त्र और श्रृंगार सामग्री प्रेषित की है।
शारदीय नवरात्रि के अवसर पर देवी जी के प्रांगण में सविधि कलशस्थापन कर प्रतिदिन माता जी की विशेष आराधना, महाश्रृंगार के साथ ही योगिनियों की पूजा का क्रम भी सम्पन्न होगा।

उपरोक्त सभी कार्यक्रम शंकराचार्य जी महाराज के प्रतिनिधि पूज्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती जी महाराज के कुशल मार्गदर्शन व ब्रह्मचारी श्रवणानन्द जी एवं ब्रह्मचारी मुकुन्दानन्द जी के सान्निध्य में सम्पन्न होगा।

मुख्य यजमान के रूप में भगवती ने इस सेवा का अवसर...
🔺 #राधा_कुंड की महिमा और इसकी कथा : #अहोई_अष्टमी पर राधा कुंड में स्नान करने से होती है संतान की प्राप्ति -

•भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा में "गोवर्धन गिर (पर्वत)" की परिक्रमा के मार्ग में एक चमत्कारी कुंड है जिसे राधा कुंड के नाम से जाना जाता है।


•इस कुंड की ऐसी महिमा है कि, यदि नि:संतान दंपत्ति कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी की मध्य रात्रि को (वह दंपत्ति) एक साथ स्नान करते हैं तो उन्हें संतान की प्राप्ति हो जाती है।

अहोई अष्टमी का यह पर्व यहां पर प्राचीनकाल से मनाया जाता है।

इस दिन पति और पत्नी दोनों ही निर्जला व्रत रखते हैं, और मध्य रात्रि में राधाकुंड में डूबकी लगाते हैं। तो ऐसा करने पर उस दंपत्ति के घर में बालक की किलकारियां शीघ्र ही गूंजने लगती हैं।

•इतना ही नहीं, जिन दंपत्तियों की संतान की मनोकामना पूर्ण हो जाती है वह भी अहोई अष्टमी के दिन...


अपनी संतान के साथ यहां राधा रानी की शरण में उपस्थिति लगाने आते हैं। माना जाता है कि यह प्रथा द्वापर युग से चली आ रही है।

🔺 राधा कुंड की कथा :

•इस प्रथा से जुड़ी एक कथा का पुराणों में भी वर्णन मिलता है जो इस प्रकार है -
जिस समय कंस ने भगवान श्री कृष्ण का वध करने के लिए...


अरिष्टासुर नामक दैत्य को भेजा था उस समय अरिष्टासुर गाय के बछड़े का रूप लेकर श्री कृष्ण की गायों के बीच में शामिल हो गया, और उन्हें मारने के लिए आया।

भगवान श्री कृष्ण ने उस दैत्य को पहचान लिया। इसके बाद श्री कृष्ण ने उस दैत्य को पकड़कर जमीन पर फैंक दिया और उसका वध कर दिया।
#समुद्र_मंथन से प्राप्त #चौदह_रत्नों का #रहस्य :- (First Part)
यह वह समय था, जब देवगण पृथ्वी पर रहते थे। पृथ्वी पर वे हिमालय के उत्तर में रहते थे। कार्य था पृथ्वी का निर्माण करना तथा उसको रहने हेतु उपयुक्त बनाना और पृथ्वी पर मानव सहित अन्य प्रजातियों (जीवों) का विस्तार करना।

देवताओं के साथ यहाँ दैत्य भी निवास करते थे। तब पृथ्वी मात्र एक द्वीप ही थी, अर्थात पृथ्वी का एक ही भाग जल से बाहर निकला हुआ था। यह भी बहुत छोटा-सा भाग था। जल के बीचो बीच था मेरू पर्वत।

पृथ्वी के विस्तार और इस पर विविध प्रकार के...

जीवन निर्माण के लिए देवताओं के भी इष्ट ब्रह्मा, विष्णु तथा महेश ने लीला रची और उन्होंने देवगण तथा दैत्यगण की शक्त्ति का उपयोग कर समुद्र मंथन कराया। समुद्र मंथन कराने के लिए सर्वप्रथम कारण निर्मित किया गया।

ऋषि दुर्वासा ने अपना अपमान होने के कारण...

देवराज इन्द्र को ‘श्री’ (लक्ष्मी ) से हीन हो जाने का शाप दे दिया।

भगवान श्री हरि विष्णु ने इंद्र को शाप-मुक्त्ति के लिए दैत्यों के साथ 'समुद्र मंथन' के लिए कहा और दैत्यों को अमृत का लालच दिया। इस तरह हुआ समुद्र मंथन।

यह समुद्र था क्षीर सागर जिसे आज हिन्द महासागर कहते हैं।

जब देवताओं तथा दैत्यों ने समुद्र मंथन आरंभ किया, तब भगवान विष्णु ने कच्छप बनकर मंथन में भाग लिया।

वे समुद्र के बीचो बीच में स्थिर हो गये और उनके ऊपर रखा गया मंदराचल पर्वत। फिर वासुकी नाग को रस्सी बनाकर एक ओर से देवता और दूसरी ओर से दैत्यों ने समुद्र का मंथन करना प्रारंभ कर दिया।

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#ஆதித்தியஹ்ருதயம் ஸ்தோத்திரம்
இது சூரிய குலத்தில் உதித்த இராமபிரானுக்கு தமிழ் முனிவர் அகத்தியர் உபதேசித்ததாக வால்மீகி இராமாயணத்தில் வருகிறது. ஆதித்ய ஹ்ருதயத்தைத் தினமும் ஓதினால் பெரும் பயன் பெறலாம் என மகான்களும் ஞானிகளும் காலம் காலமாகக் கூறி வருகின்றனர். ராம-ராவண யுத்தத்தை


தேவர்களுடன் சேர்ந்து பார்க்க வந்திருந்த அகத்தியர், அப்போது போரினால் களைத்து, கவலையுடன் காணப்பட்ட ராமபிரானை அணுகி, மனிதர்களிலேயே சிறந்தவனான ராமா போரில் எந்த மந்திரத்தைப் பாராயணம் செய்தால் எல்லா பகைவர்களையும் வெல்ல முடியுமோ அந்த ரகசிய மந்திரத்தை, வேதத்தில் சொல்லப்பட்டுள்ளதை உனக்கு

நான் உபதேசிக்கிறேன், கேள் என்று கூறி உபதேசித்தார். முதல் இரு சுலோகங்கள் சூழ்நிலையை விவரிக்கின்றன. மூன்றாவது சுலோகம் அகத்தியர் இராமபிரானை விளித்துக் கூறுவதாக அமைந்திருக்கிறது. நான்காவது சுலோகம் முதல் முப்பதாம் சுலோகம் வரை ஆதித்ய ஹ்ருதயம் என்னும் நூல். முப்பத்தி ஒன்றாம் சுலோகம்

இந்தத் துதியால் மகிழ்ந்த சூரியன் இராமனை வாழ்த்துவதைக் கூறுவதாக அமைந்திருக்கிறது.
ஐந்தாவது ஸ்லோகம்:
ஸர்வ மங்கள் மாங்கல்யம் ஸர்வ பாப ப்ரநாசனம்
சிந்தா சோக ப்ரசமனம் ஆயுர் வர்த்தனம் உத்தமம்
பொருள்: இந்த அதித்ய ஹ்ருதயம் என்ற துதி மங்களங்களில் சிறந்தது, பாவங்களையும் கவலைகளையும்


குழப்பங்களையும் நீக்குவது, வாழ்நாளை நீட்டிப்பது, மிகவும் சிறந்தது. இதயத்தில் வசிக்கும் பகவானுடைய அனுக்ரகத்தை அளிப்பதாகும்.
முழு ஸ்லோக லிங்க் பொருளுடன் இங்கே உள்ளது
https://t.co/Q3qm1TfPmk
சூரியன் உலக இயக்கத்திற்கு மிக முக்கியமானவர். சூரிய சக்தியால்தான் ஜீவராசிகள், பயிர்கள்

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@EricTopol @NBA @StephenKissler @yhgrad B.1.1.7 reveals clearly that SARS-CoV-2 is reverting to its original pre-outbreak condition, i.e. adapted to transgenic hACE2 mice (either Baric's BALB/c ones or others used at WIV labs during chimeric bat coronavirus experiments aimed at developing a pan betacoronavirus vaccine)

@NBA @StephenKissler @yhgrad 1. From Day 1, SARS-COV-2 was very well adapted to humans .....and transgenic hACE2 Mice


@NBA @StephenKissler @yhgrad 2. High Probability of serial passaging in Transgenic Mice expressing hACE2 in genesis of SARS-COV-2


@NBA @StephenKissler @yhgrad B.1.1.7 has an unusually large number of genetic changes, ... found to date in mouse-adapted SARS-CoV2 and is also seen in ferret infections.
https://t.co/9Z4oJmkcKj


@NBA @StephenKissler @yhgrad We adapted a clinical isolate of SARS-CoV-2 by serial passaging in the ... Thus, this mouse-adapted strain and associated challenge model should be ... (B) SARS-CoV-2 genomic RNA loads in mouse lung homogenates at P0 to P6.
https://t.co/I90OOCJg7o