हमारे #सनातन धर्म में #तिलक को बहुत महत्त्व दिया गया है,
इसी कारण हमारे पूर्वज कभी बिना तिलक नहीं रहते थे इतना ही नहीं कई लोग तो बिना तिलक के रात्रि में सोते भी नहीं थे क्योंकि उनका यही मानना था की क्या पता मौत कब आ जाये और कब इस शरीर को छोड़कर यमलोक प्रस्थान करना पड़े।

सनातन धर्म में प्रचलित सभी #परम्परों के पीछे कोई न कोई कारण आपको अवश्य मिलेगा।तिलक लगाने के वैज्ञानिक तथ्य भी है जो लोग तिलक लगाते है उनमे क्रोध की भावना कम होती हैं तथा तिलक मस्तिष्क को ढंडा बनाये रखता है।हमने अपने बड़े बुजुर्गो की तस्वीरों को देखा होगा।
उनकी तस्वीर में वे सदैव मस्तक पर तिलक लगाया करते थे।आज हिन्दुओं के घर से तिलक लगाने की परम्परा लुप्त हो चुकी है । परंतु हिन्दू परंपरा के अनुसार ललाट (माथे) को सुना नहीं रखना चाहिए।किसी प्रकार का तिलक या टीका अवश्य लगाना चाहिए।
सभी विभिन्न तिलकों में एक नाम आता है , #गोपी चंदन।
वैष्णव तिलक गोपी-चन्दन से लगाया जाता है।इस तिलक को देखते ही #भगवान श्री कृष्ण का स्मरण होता है। यह तिलक मानव शरीर को शुद्ध कर बुरे प्रभाव से रक्षा भी करता है।
#गर्ग संहिता के अनुसार जो मनुष्य प्रतिदिन गोपी-चंदन का वैष्णव तिलक धारण करता है। उसे एक हजार #अश्वमेघ यज्ञों तथा राजसूय यज्ञों का फल प्राप्त होता है। गोपी-चंदन से वैष्णव तिलक धारण करने वाला पापी मनुष्य भी भगवान कृष्ण के धाम, गोलोक वृन्दावन को प्राप्त होता है।

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मोक्ष की नगरी #काशी के कण कण में विराजमान हैं भगवान #शिव । यहां की संस्कृति और परंपराओं में शिव के विराट व्यक्तित्व की झलक दिखाई देती है। मतस्य पुराण के अनुसार भगवान शिव स्वयं मरते हुए व्यक्ति के कानों में #तारक मंत्र का उपदेश सुनाते हैं और #मोक्ष प्राप्त हो जाता है।


अर्थात उस व्यक्ति को जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिल जाती है। शिव-पार्वती का ये पावन स्थान मन्दिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। ऐसी मान्यता है कि एक भक्त को भगवान शिव ने सपने में दर्शन देकर कहा था कि गंगा स्नान के बाद उसे दो शिवलिंग मिलेंगे और जब वो

उन दोनों शिवलिंगों को जोड़कर उन्हें स्थापित करेगा तो शिव और शक्ति के दिव्य शिवलिंग की स्थापना होगी और तभी से भगवान शिव यहां मां पार्वती के साथ विराजमान हैं| बाबा की आज्ञा से यहाँ मन्दिर का निर्माण हुआ ।


मंदिर के ऊपर के सोने के छत्र को ले कर यह मान्यता है कि अगर उसे देख कर कोई मुराद मांगी जाती है तो वह अवश्य ही पूरी होती है। रानी अहिल्या द्वारा मंदिर का जीर्णोद्धार कराने के पश्चात इंदौर के महाराज रणजीत सिंह ने मंदिर पर सोना लगाने का कार्य किया था ।


#गंगा किनारे बसा यह शहर कई बार तबाही और निर्माण का साक्षी बना है, जिसका असर काशीनाथ मंदिर पर भी पड़ा।परंतु जहाँ देवाधिदेव महादेव स्वयं बैठे हो वहाँ सिर्फ़ कल्याण होता है .. नकारात्मक शक्तियाँ दूर रहती हैं।

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॥ॐ॥
अस्य श्री गायत्री ध्यान श्लोक:
(gAyatri dhyAna shlOka)
• This shloka to meditate personified form of वेदमाता गायत्री was given by Bhagwaan Brahma to Sage yAgnavalkya (याज्ञवल्क्य).

• 14th shloka of गायत्री कवचम् which is taken from वशिष्ठ संहिता, goes as follows..


• मुक्ता-विद्रुम-हेम-नील धवलच्छायैर्मुखस्त्रीक्षणै:।
muktA vidruma hEma nIla dhavalachhAyaiH mukhaistrlkShaNaiH.

• युक्तामिन्दुकला-निबद्धमुकुटां तत्वार्थवर्णात्मिकाम्॥
yuktAmindukalA nibaddha makutAm tatvArtha varNAtmikam.

• गायत्रीं वरदाभयाङ्कुश कशां शुभ्रं कपालं गदाम्।
gAyatrIm vardAbhayANkusha kashAm shubhram kapAlam gadAm.

• शंखं चक्रमथारविन्दयुगलं हस्तैर्वहन्ती भजै॥
shankham chakramathArvinda yugalam hastairvahantIm bhajE.

This shloka describes the form of वेदमाता गायत्री.

• It says, "She has five faces which shine with the colours of a Pearl 'मुक्ता', Coral 'विद्रुम', Gold 'हेम्', Sapphire 'नील्', & a Diamond 'धवलम्'.

• These five faces are symbolic of the five primordial elements called पञ्चमहाभूत:' which makes up the entire existence.

• These are the elements of SPACE, FIRE, WIND, EARTH & WATER.

• All these five faces shine with three eyes 'त्रिक्षणै:'.
🌺श्री गरुड़ पुराण - संक्षिप्त वर्णन🌺

हिन्दु धर्म के 18 पुराणों में से एक गरुड़ पुराण का हिन्दु धर्म में बड़ा महत्व है। गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद सद्गती की व्याख्या मिलती है। इस पुराण के अधिष्ठातृ देव भगवान विष्णु हैं, इसलिए ये वैष्णव पुराण है।


गरुड़ पुराण के अनुसार हमारे कर्मों का फल हमें हमारे जीवन-काल में तो मिलता ही है परंतु मृत्यु के बाद भी अच्छे बुरे कार्यों का उनके अनुसार फल मिलता है। इस कारण इस पुराण में निहित ज्ञान को प्राप्त करने के लिए घर के किसी सदस्य की मृत्यु के बाद का समय निर्धारित किया गया है...

..ताकि उस समय हम जीवन-मरण से जुड़े सभी सत्य जान सकें और मृत्यु के कारण बिछडने वाले सदस्य का दुख कम हो सके।
गरुड़ पुराण में विष्णु की भक्ति व अवतारों का विस्तार से उसी प्रकार वर्णन मिलता है जिस प्रकार भगवत पुराण में।आरम्भ में मनु से सृष्टि की उत्पत्ति,ध्रुव चरित्र की कथा मिलती है।


तदुपरांत सुर्य व चंद्र ग्रहों के मंत्र, शिव-पार्वती मंत्र,इन्द्र सम्बंधित मंत्र,सरस्वती मंत्र और नौ शक्तियों के बारे में विस्तार से बताया गया है।
इस पुराण में उन्नीस हज़ार श्लोक बताए जाते हैं और इसे दो भागों में कहा जाता है।
प्रथम भाग में विष्णुभक्ति और पूजा विधियों का उल्लेख है।

मृत्यु के उपरांत गरुड़ पुराण के श्रवण का प्रावधान है ।
पुराण के द्वितीय भाग में 'प्रेतकल्प' का विस्तार से वर्णन और नरकों में जीव के पड़ने का वृत्तांत मिलता है। मरने के बाद मनुष्य की क्या गति होती है, उसका किस प्रकार की योनियों में जन्म होता है, प्रेत योनि से मुक्ति के उपाय...

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Following @BAUDEGS I have experienced hateful and propagandist tweets time after time. I have been shocked that an academic community would be so reckless with their publications. So I did some research.
The question is:
Is this an official account for Bahcesehir Uni (Bau)?


Bahcesehir Uni, BAU has an official website
https://t.co/ztzX6uj34V which links to their social media, leading to their Twitter account @Bahcesehir

BAU’s official Twitter account


BAU has many departments, which all have separate accounts. Nowhere among them did I find @BAUDEGS
@BAUOrganization @ApplyBAU @adayBAU @BAUAlumniCenter @bahcesehirfbe @baufens @CyprusBau @bauiisbf @bauglobal @bahcesehirebe @BAUintBatumi @BAUiletisim @BAUSaglik @bauebf @TIPBAU

Nowhere among them was @BAUDEGS to find
Department List of UCAS-China PROFESSORs for ANSO, CSC and UCAS (fully or partial) Scholarship Acceptance
1) UCAS School of physical sciences Professor
https://t.co/9X8OheIvRw
2) UCAS School of mathematical sciences Professor

3) UCAS School of nuclear sciences and technology
https://t.co/nQH8JnewcJ
4) UCAS School of astronomy and space sciences
https://t.co/7Ikc6CuKHZ
5) UCAS School of engineering

6) Geotechnical Engineering Teaching and Research Office
https://t.co/jBCJW7UKlQ
7) Multi-scale Mechanics Teaching and Research Section
https://t.co/eqfQnX1LEQ
😎 Microgravity Science Teaching and Research

9) High temperature gas dynamics teaching and research section
https://t.co/tVIdKgTPl3
10) Department of Biomechanics and Medical Engineering
https://t.co/ubW4xhZY2R
11) Ocean Engineering Teaching and Research

12) Department of Dynamics and Advanced Manufacturing
https://t.co/42BKXEugGv
13) Refrigeration and Cryogenic Engineering Teaching and Research Office
https://t.co/pZdUXFTvw3
14) Power Machinery and Engineering Teaching and Research