Thread : Indtroducing Abul Kalam Ghulam Muhiyuddin Ahmed bin Khairuddin Al-Hussaini Azad...

was an Indian scholar, Islamic theologian, independence activist, and a senior leader of the Indian National Congress during the Indian independence movement.

Born: 11 November 1888, Mecca, Saudi Arabia
Died: 22 February 1958, Delhi
Education: Al Azhar University Darrasah Campus (1905–1907)

Starting thread from here.. read carefully and share it Maximum. I hope its an eye opener for everyone.
भारत का पहला शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने इतिहास को किस तरह भ्रष्ट किया और कैसे एक मुस्लिम परस्त इतिहास हमे परोसा गया, उसकी धज्जियां उड़ाने में सहयोग करें-
1) भारत का इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से शुरू नही होता बल्कि सरयू तट से शुरू होता है जहाँ महर्षि मनु को अपने मनुष्य होने का ज्ञान हुआ और मानव सभ्यता विकसित हुई।
2) रामायण और महाभारत हिन्दुओ के धर्मग्रंथ हो सकते है मगर शैक्षिक रूप से ये भारत का इतिहास है, जिन्हें पाठ्यक्रम में शामिल नहीं किया गया।
3) सिंध को अरबो ने जीता अवश्य था मगर बप्पा रावल ने उन्हें मार मार कर भगाया भी था, मगर सिर्फ अरबो की विजय पढ़ाई जाती है और बप्पा रावल को कहानी किस्सों के भरोसे छोड़ दिया जाता है।
4) व्यवस्था के अनुसार सम्राट पोरस ने सिकन्दर को रोका यह पढ़ाना आवश्यक नही था लेकिन अलाउद्दीन खिलजी ने मंगोलों को रोका ये बात याद से लिखी गयी।

5) बाबर से औरंगजेब तक हर बादशाह के लिये अलग अध्याय है जबकि मुगलो के इतिहास से हिंदुस्तान के वर्तमान को ज्यादा प्रभाव नही पड़ता।
6) मुगलो का 1707 तक का तो इतिहास बता दिया मगर बड़ी ही चतुराई से उसके बाद सीधे 1757 का प्लासी युद्ध लिखकर अंग्रेजो को ले आये। इतनी जल्दी क्या थी जनाब, जरा 1737 में पेशवा बाजीराव द्वारा मुगलो की धुलाई भी पढ़ा देते।
7) 1757 में मुगल सल्तनत का मराठा साम्राज्य में विलय हो गया था मगर जबरदस्ती उसका अंत 1857 मे पढ़ाया जाता है। 1757 से 1803 मुगल मराठा साम्राज्य के अधीन रहे और 1803 से 1857 अंग्रेजो के। 1757 के बाद कोई मुगल सल्तनत नही थी।
पानीपत में मराठो की हार हुई ठीक है मगर ये उनका अंतिम युद्ध नही था वे दोबारा खड़े हुए और अंग्रेजो को भी धो दिया, ये कब पढ़ाओगे??? सिर्फ पानीपत पढ़ा दिया ताकि संदेश यह जाए कि हिन्दुओ ने हर युद्ध हारा है जबकि युद्ध के बाद महादजी सिंधिया ने अफगानों को जमकर कूटा था।
11) भारत 200 नही 129 वर्ष ब्रिटेन की कॉलोनी रहा, (1818 में मराठा साम्राज्य के पतन से 1947 में कांग्रेस शासन तक)

12) आंग्ल मराठा युद्ध 1857 की क्रांति से भी बड़े थे इसलिए उनका विवरण पहले होना चाहिए मगर गायब है क्योकि बखान टीपू सुल्तान का करना था।
13) 1947 में 2 राष्ट्रों का उदय नही हुआ बल्कि एक ही का हुआ, हिंदुस्तान सदियों से उदित है और हमेशा रहेगा। ज्यादा सेक्युलर हो तो दूसरे आतंकी राष्ट्र की चिंता करो, नक्शे पर कुछ ही दिन का मेहमान है।
14) 1962 में भारत चीन से पराजित हुआ मगर 1967 में चीन को हराया भी, वो कौन पढ़ायेगा???
हमारी शिक्षा व्यवस्था बहुत ही रूढ़ है आवश्यकता है ऐसे लोगो को जोड़ने की जो शिक्षा मंत्रालयों में कार्यरत हो, कार्यरत होने से ज्यादा संजग और तत्पर हो।
छोटा सा प्रयास है सोए हुऐ लोगो को जगाने का, उम्मीद हे इस पोस्ट को सभी शेयर करेंगे।

धन्यवाद।।

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कुंडली में 12 भाव होते हैं। कैसे ज्योतिष द्वारा रोग के आंकलन करते समय कुंडली के विभिन्न भावों से गणना करते हैं आज इस पर चर्चा करेंगे।
कुण्डली को कालपुरुष की संज्ञा देकर इसमें शरीर के अंगों को स्थापित कर उनसे रोग, रोगेश, रोग को बढ़ाने घटाने वाले ग्रह


रोग की स्थिति में उत्प्रेरक का कार्य करने वाले ग्रह, आयुर्वेदिक/ऐलोपैथी/होमियोपैथी में से कौन कारगर होगा इसका आँकलन, रक्त विकार, रक्त और आपरेशन की स्थिति, कौन सा आंतरिक या बाहरी अंग प्रभावित होगा इत्यादि गणना करने में कुंडली का प्रयोग किया जाता है।


मेडिकल ज्योतिष में आज के समय में Dr. K. S. Charak का नाम निर्विवाद रूप से प्रथम स्थान रखता है। उनकी लिखी कई पुस्तकें आज इस क्षेत्र में नए ज्योतिषों का मार्गदर्शन कर रही हैं।
प्रथम भाव -
इस भाव से हम व्यक्ति की रोगप्रतिरोधक क्षमता, सिर, मष्तिस्क का विचार करते हैं।


द्वितीय भाव-
दाहिना नेत्र, मुख, वाणी, नाक, गर्दन व गले के ऊपरी भाग का विचार होता है।
तृतीय भाव-
अस्थि, गला,कान, हाथ, कंधे व छाती के आंतरिक अंगों का शुरुआती भाग इत्यादि।

चतुर्थ भाव- छाती व इसके आंतरिक अंग, जातक की मानसिक स्थिति/प्रकृति, स्तन आदि की गणना की जाती है


पंचम भाव-
जातक की बुद्धि व उसकी तीव्रता,पीठ, पसलियां,पेट, हृदय की स्थिति आंकलन में प्रयोग होता है।

षष्ठ भाव-
रोग भाव कहा जाता है। कुंडली मे इसके तत्कालिक भाव स्वामी, कालपुरुष कुंडली के स्वामी, दृष्टि संबंध, रोगेश की स्थिति, रोगेश के नक्षत्र औऱ रोगेश व भाव की डिग्री इत्यादि।

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This is NONSENSE. The people who take photos with their books on instagram are known to be voracious readers who graciously take time to review books and recommend them to their followers. Part of their medium is to take elaborate, beautiful photos of books. Die mad, Guardian.


THEY DO READ THEM, YOU JUDGY, RACOON-PICKED TRASH BIN


If you come for Bookstagram, i will fight you.

In appreciation, here are some of my favourite bookstagrams of my books: (photos by lit_nerd37, mybookacademy, bookswrotemystory, and scorpio_books)
Moderna CEO Stephane Bancel was previously CEO of bioMerieux in France from 07-10.

Alain Merieux, who owns bioMerieux, was instrumental in the creation of the Wuhan Institute of Virology P4 Lab.

The same people who helped create the virus, also helped to create the vaccines...


Moderna partnered with French Pasteur Institute in 2015 to develop mRNA vaccine technology.

Pasteur Institute partnered with the Wuhan P4 Laboratory in 2017 along with the Merieux Foundation to study emerging viruses...
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https://t.co/9M5lydBKhM


Nobel prize winning scientist Luc Montagnier asserts that Sars-Cov-2 is man-made and originated from the Wuhan Institute of Virology.

Montagnier did extensive work with the Pasteur Institute in France which was partnered with the Wuhan P4.

Merieux Foundation & the Chinese government have worked together since 1965, and partnered to study emerging pathogens in Africa in 2015.

Their research included "PATHOGENS CARRIED BY BATS" that provoke respiratory diseases.

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https://t.co/gVwpT0ssqI