Hindcopper - Below 135 doors open for 108-117 (200 SMA and DEMA).

Longs Alert take care. Stock looks weak to me below 135.

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BEML

1. Stock is consolidating in the band 100-120 on lower side & 1900-1950 on upper side.

2. CMP 1344 1st targets 1850-1950

3. Medium term targets 2400-2500

4. Long term taregts 3500 first and then 8,000-10,000 in next 4-5 yrs

5. This is going to be 15-16 years breakout https://t.co/BXMv5GjsGW


6. Stock hits high 160-175 in 1995 & 1997

7. went into down trend, consolidated for 3 yrs 1999-2002

8. Gave breakout above 34 hinting at major shift in Feb 2002

9. Gave 1st multi year breakout in Oct 2003 above 160-175 which was failed

10. Next attempt in Sep 2004 crossed 175


11. Above 1995-1997 highs (160-175) stock went on to become 10x in a matter of 20-22 months

12. CMP 1344 Multi year breakout will trigger above 1950 on weekly closing basis

13. Will be watching 1st breakout above 1950

14. SL 1260/1100 depends on risk of the trader or investor

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Hindcopper -- Can face selling pressure from 122-125 zone. Bull are weak and Previous bottoms 135-136 major hurdle. Not Crossing 125/135 can take stock to lower levels

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🌺कैसे बने गरुड़ भगवान विष्णु के वाहन और क्यों दो भागों में फटी होती है नागों की जिह्वा🌺

महर्षि कश्यप की तेरह पत्नियां थीं।लेकिन विनता व कद्रु नामक अपनी दो पत्नियों से उन्हे विशेष लगाव था।एक दिन महर्षि आनन्दभाव में बैठे थे कि तभी वे दोनों उनके समीप आकर उनके पैर दबाने लगी।


प्रसन्न होकर महर्षि कश्यप बोले,"मुझे तुम दोनों से विशेष लगाव है, इसलिए यदि तुम्हारी कोई विशेष इच्छा हो तो मुझे बताओ। मैं उसे अवश्य पूरा करूंगा ।"

कद्रू बोली,"स्वामी! मेरी इच्छा है कि मैं हज़ार पुत्रों की मां बनूंगी।"
विनता बोली,"स्वामी! मुझे केवल एक पुत्र की मां बनना है जो इतना बलवान हो की कद्रू के हज़ार पुत्रों पर भारी पड़े।"
महर्षि बोले,"शीघ्र ही मैं यज्ञ करूंगा और यज्ञ के उपरांत तुम दोनो की इच्छाएं अवश्य पूर्ण होंगी"।


महर्षि ने यज्ञ किया,विनता व कद्रू को आशीर्वाद देकर तपस्या करने चले गए। कुछ काल पश्चात कद्रू ने हज़ार अंडों से काले सर्पों को जन्म दिया व विनता ने एक अंडे से तेजस्वी बालक को जन्म दिया जिसका नाम गरूड़ रखा।जैसे जैसे समय बीता गरुड़ बलवान होता गया और कद्रू के पुत्रों पर भारी पड़ने लगा


परिणामस्वरूप दिन प्रतिदिन कद्रू व विनता के सम्बंधों में कटुता बढ़ती गयी।एकदिन जब दोनो भ्रमण कर रहीं थी तब कद्रू ने दूर खड़े सफेद घोड़े को देख कर कहा,"बता सकती हो विनता!दूर खड़ा वो घोड़ा किस रंग का है?"
विनता बोली,"सफेद रंग का"।
तो कद्रू बोली,"शर्त लगाती हो? इसकी पूँछ तो काली है"।