Varahi Amman, Madurai, Tamilnadu

Vaarahi is one of the Saivite Shakti deities with the group of goddesses known as SAPTAMATAS.
They are: Brahmi, Maheshwari, Kaumari, Vaishnavi, Vaarahi, Mahendri and Chamundi. 1/n

They are the Shakti (female) equivalents of their male counterparts. Vaarahi is the Shakti of Bhairavar who is one of the Amsam of Bhairavar.Created from the boar avatara of Vishnu, Vaarahi is often associated with Goddess Kamala (one of the Mahavidyas). 2/n
She is also called Dandini (Lady Commander of the forces of the Mother-Goddess, symbolizing the might of SriVidya). As Vaarahi ("hog-faced" or "the great consumer") she destroys evil forces that obstructs the devotees' progress, paralyses the enemies 3/n
and led the devotees ultimately to SriVidyas. She is also called Panchami). With Kurukalla, she is accorded the parental status to Sri-Chakra (Lalita Tripura-Sundari). While Kurukalla represents the full moon, Vaarahi represents the new-moon. 4/4

Jai Maa Varahi 🙏
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More from श्रीमाली हितेश अवस्थी

।। हरि ॐ।।
शिव के रुद्राभिषेक से होते हैं 18 आश्चर्यजनक लाभ, जरूर पढ़े..

रुद्र अर्थात भूतभावन शिव का अभिषेक। शिव और रुद्र परस्पर एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। शिव को ही 'रुद्र' कहा जाता है, क्योंकि रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र: यानी कि भोले सभी दु:खों को नष्ट कर देते हैं।


हमारे धर्मग्रंथों के अनुसार हमारे द्वारा किए गए पाप ही हमारे दु:खों के कारण हैं। रुद्रार्चन और रुद्राभिषेक से हमारी कुंडली से पातक कर्म एवं महापातक भी जलकर भस्म हो जाते हैं और साधक में शिवत्व का उदय होता है तथा भगवान शिव का शुभाशीर्वाद भक्त को प्राप्त होता है।


और उनके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि एकमात्र सदाशिव रुद्र के पूजन से सभी देवताओं की पूजा स्वत: हो जाती है।

रुद्रहृदयोपनिषद में शिव के बारे में कहा गया है कि सर्वदेवात्मको रुद्र: सर्वे देवा: शिवात्मका अर्थात सभी देवताओं की आत्मा में रुद्र उपस्थित हैं..


और सभी देवता रुद्र की आत्मा हैं। हमारे शास्त्रों में विविध कामनाओं की पूर्ति के लिए रुद्राभिषेक के पूजन के निमित्त अनेक द्रव्यों तथा पूजन सामग्री को बताया गया है। साधक रुद्राभिषेक पूजन विभिन्न विधि से तथा विविध मनोरथ को लेकर करते हैं।


रुद्राभिषेक से हमारी कुंडली के महापाप भी जलकर भस्म हो जाते हैं और हममें शिवत्व का उदय होता है। भगवान शिव का शुभाशीर्वाद प्राप्त होता है। सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। एकमात्र सदाशिव रुद्र के पूजन से सभी देवताओं की पूजा स्वत: हो जाती है।रुद्राभिषेक के विभिन्न पूजन के लाभ इस प्रकार हैं
#Thread
भारत को आखिर बॉलीवुड ने दिया क्या है?

1. बलात्कार गैंग रेप करने के तरीके
2. विवाह किये बिना लड़का- लड़की का शारीरिक सम्बन्ध बनाना
3. विवाह के दौरान लड़की को मंडप से भगाना
4. चोरी डकैती करने के तरीके
5. भारतीय संस्कारों का उपहास उड़ाना

Cont 👇


6. लड़कियों को छोटे कपड़े पहने की सीख देना....जिसे फैशन का नाम देना
7. दारू सिगरेट चरस गांजा कैसे पिया और लाया जाये
8. गुंडागर्दी कर के हफ्ता वसूली करना
9. भगवान का मजाक बनाना और अपमानित करना
10. पूजा- पाठ ,यज्ञ करना पाखण्ड है व नमाज पढ़ना ईश्वर की सच्ची पूजा है

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11. भारतीयों को अंग्रेज बनाना
12. भारतीय संस्कृति को मूर्खता पूर्ण बताना और पश्चिमी संस्कृति को श्रेष्ठ बताना
13. माँ बाप को वृध्दाश्रम छोड़ के आना
14. गाय पालन को मज़ाक बनाना और कुत्तों को उनसे श्रेष्ठ बताना और पालना सिखाना

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15. रोटी हरी सब्ज़ी खाना गलत बल्कि रेस्टोरेंट में पिज़्ज़ा बर्गर कोल्ड ड्रिंक और नॉन वेज खाना श्रेष्ठ है।
16. पंडितों को जोकर के रूप में दिखाना, चोटीरखना या यज्ञोपवीत पहनना मूर्खता है मगर बालों के अजीबो- गरीब स्टाइल (गजनी) रखना व क्रॉस पहनना श्रेष्ठ है उससे आप सभ्य लगते हैं।
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17. शुद्ध हिन्दी या संस्कृत बोलना हास्य वाली बात है और उर्दू या अंग्रेजी बोलना सभ्य पढ़ा-लिखा और अमीरी वाली बात...

18. पुराने फिल्म्स मे कितने मधुर भजन हुआ करते थे, अब उसकी जगह अल्ला/मौला/इलाही जैसे गानो ने ली है,..

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हिन्दू धर्म के 10 महत्वपूर्ण रहस्य:-

हिन्दू धर्म एक रहस्यमयी धर्म है। यह एकेश्‍वरवादी होने के साथ-साथ इस धर्म में देवी-देवता, भगवान, गुरु, पितृ, प्रकृति आदि को भी पूर्ण सम्मान दिया गया है। पाप और पुण्य की विस्तार से चर्चा की गई है।

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न्याय और अन्याय की भी परिभाषा बताई गई है। कर्मफल को भाग्यफल से महत्वपूर्ण माना गया है। पुनर्जन्म में इस धर्म की गहरी आस्था है। यम और नियम के सिद्धांत इस धर्म के मुख्‍य सिद्धांत हैं। प्रार्थना, व्रत, तीर्थ, दान और... प्रत्येक हिन्दू का कर्तव्य है।

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ज्ञात रूप से इस धर्म के 12 हजार वर्ष प्राचीन इतिहास एक रहस्य ही है।

पहला रहस्य...
कल्प वृक्ष : वेद और पुराणों में कल्पवृक्ष का उल्लेख मिलता है। कल्पवृक्ष स्वर्ग का एक विशेष वृक्ष है। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार यह माना जाता है कि...

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इस वृक्ष के नीचे बैठकर व्यक्ति जो भी इच्छा करता है, वह पूर्ण हो जाती है, क्योंकि इस वृक्ष में अपार सकारात्मक ऊर्जा होती है। यह वृक्ष समुद्र मंथन से निकला था।

दूसरा रहस्य...
कामधेनु गाय : कामधेनु गाय की उत्पत्ति भी समुद्र मंथन से हुई थी।

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यह एक चमत्कारी गाय होती थी जिसके दर्शन मात्र से ही सभी तरह के दु:ख-दर्द दूर हो जाते थे। दैवीय शक्तियों से संपन्न यह गाय जिसके भी पास होती थी उससे चमत्कारिक लाभ मिलता था। इस गाय का दूध अमृत के समान माना जाता था।

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From today, we will memorize the names of 27 Nakshatras in Vedic Jyotish to never forget in life.

I will write 4 names. Repeat them in SAME sequence twice in morning, noon, evening. Each day, revise new names + recall all previously learnt names.

Pls RT if you are in.

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Today's Nakshatras are:-

1. Ashwini - अश्विनी

2. Bharani - भरणी

3. Krittika - कृत्तिका

4. Rohini - रोहिणी

Ashwini - अश्विनी is the FIRST Nakshatra.

Repeat these names TWICE now, tomorrow morning, noon and evening. Like this tweet if you have revised 8 times as told.

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Today's Nakshatras are:-

5. Mrigashira - मृगशिरा

6. Ardra - आर्द्रा

7. Punarvasu - पुनर्वसु

8. Pushya - पुष्य

First recall previously learnt Nakshatras twice. Then recite these TWICE now, tomorrow morning, noon & evening in SAME order. Like this tweet only after doing so.

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Today's Nakshatras are:-

9. Ashlesha - अश्लेषा

10. Magha - मघा

11. Purvaphalguni - पूर्वाफाल्गुनी

12. Uttaraphalguni - उत्तराफाल्गुनी

Purva means that comes before (P se Purva, P se pehele), and Uttara comes later.

Read next tweet too.

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Purva, Uttara prefixes come in other Nakshatras too. Purva= pehele wala. Remember.

First recall previously learnt 8 Nakshatras twice. Then recite those in Tweet #4 TWICE now, tomorrow morning, noon & evening in SAME order. Like this tweet if you have read Tweets #4 & 5, both.