Last week, Dr. Theresa Tam @CPHO_Canada & the Ontario Scientology table released their latest model that garnered criticism, ridicule, & shame at an international level. The now famous Covid Erection had risen 🍆📈

#Canada #Ontario #cdnpoli #onpoli #COVID19

The Covid Erection model predicted ~5000 cases by the end of February. Well, now that we’re at February’s end, Ontario recorded ~1250 cases. It would seem that the Covid Erection encountered some...ahem, erectile dysfunction 📉

#Canada #Ontario #cdnpoli #onpoli
Since the Covid Erection model had become flaccid, Dr. Tam @CPHO_Canada needed another story to continue the propaganda of fear; public health by dread & distress. So she came out today to say that Canada was experiencing 75X more cases than the spring peak

#Canada #cdnpoli
The spring peak in Canada had ~2000 cases. Today, Canada reported ~3000 cases. That would be 1.5X more cases, not 75X. Dr. Tam @CPHO_Canada just inflated the case counts by only 50X, or what we call here in Canada, by a Fisman

#Canada #cdnpoli #Ontario #onpoli #COVID19
Canada (& Ontario’s) public health officials & politicians have thoroughly embarrassed the discipline of public health & made mockery of the field of medicine. From the MDs fake crying in the news to the high school teachers pretending to be biostatisticians. We’ve become a joke.

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शमशान में जब महर्षि दधीचि के मांसपिंड का दाह संस्कार हो रहा था तो उनकी पत्नी अपने पति का वियोग सहन नहीं कर पायी और पास में ही स्थित विशाल पीपल वृक्ष के कोटर में अपने तीन वर्ष के बालक को रख के स्वयं चिता पे बैठ कर सती हो गयी ।इस प्रकार ऋषी दधीचि और उनकी पत्नी की मुक्ति हो गयी।


परन्तु पीपल के कोटर में रखा बालक भूख प्यास से तड़पने लगा। जब कुछ नहीं मिला तो वो कोटर में पड़े पीपल के गोदों (फल) को खाकर बड़ा होने लगा। कालान्तर में पीपल के फलों और पत्तों को खाकर बालक का जीवन किसी प्रकार सुरक्षित रहा।

एक दिन देवर्षि नारद वहां से गुजर रहे थे ।नारद ने पीपल के कोटर में बालक को देख कर उसका परिचय मांगा -
नारद बोले - बालक तुम कौन हो?
बालक - यही तो मैं भी जानना चहता हूँ ।
नारद - तुम्हारे जनक कौन हैं?
बालक - यही तो मैं भी जानना चाहता हूँ ।

तब नारद ने आँखें बन्द कर ध्यान लगाया ।


तत्पश्चात आश्चर्यचकित हो कर बालक को बताया कि 'हे बालक! तुम महान दानी महर्षि दधीचि के पुत्र हो । तुम्हारे पिता की अस्थियों का वज्रास्त्र बनाकर ही देवताओं ने असुरों पर विजय पायी थी।तुम्हारे पिता की मृत्यु मात्र 31 वर्ष की वय में ही हो गयी थी'।

बालक - मेरे पिता की अकाल मृत्यु का क्या कारण था?
नारद - तुम्हारे पिता पर शनिदेव की महादशा थी।
बालक - मेरे उपर आयी विपत्ति का कारण क्या था?
नारद - शनिदेव की महादशा।
इतना बताकर देवर्षि नारद ने पीपल के पत्तों और गोदों को खाकर बड़े हुए उस बालक का नाम पिप्पलाद रखा और उसे दीक्षित किया।