#bajajfinserv

Decision time for the stock.

Has been mimicking closely the Nifty chart, so we can say that #Bajajfinserv can indicate what direction market can take from here.

RSI going in same direction as price but MFI showing positive divergence.

#bajajfinserv

If it breaks the expanding triangle on closing basis, we are looking at 20-25% correction from here.

Daily RSI was oversold at the bottom and failed to come over 30 in last 2 days.

Worrisome signs.
#bajajfinserv

Structure broken.

Target of 20-25% fall from here is activated.

More from Mayank Narula

#Bitcoin

Monthly divergence may come into play.

I said best case scenario is market dump over next few months, and it's happening now.

I won't be surprised if it takes off to new all time high after flushing out new entrants.
#Nifty

So now that Nifty has undergone ABC correction in the expected manner, what to expect next?

I think we have started larger degree wave 3, once 16800 was crossed.

16800 is the reference level now. We will get more sense by end of next week/ month. https://t.co/KsziuUpZxU


#NIFTY

If 17445 is taken out, then may be we are heading to fresh new all time on Nifty.

Things may pan out way faster than expected.


#NIFTY

Zoomed in cross-section of the chart above.

Wave 3 of 1 should have started today, which can take Nifty to fresh all time highs.


#NIFTY

So now Nifty is moving more clearly on the expected path, what's next?

Nifty has started longer term wave 3 advancement, pending final confirmation of HH by crossing 17800.

In Wave 1 of 3, can expect a move to 20k+.


In terms of longer term wave structure:

Wave 1: 7500 to 18600
Wave 3: 15700 to 35000+

And this can pan out over next 2 years or so.

Since wave 2 was a shallow correction, wave 4 can potentially be a deeper correction.

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राम-रावण युद्ध समाप्त हो चुका था। जगत को त्रास देने वाला रावण अपने कुटुम्ब सहित नष्ट हो चुका था।श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ और अयोध्या नरेश श्री राम के नेतृत्व में चारों दिशाओं में शन्ति थी।
अंगद को विदा करते समय राम रो पड़े थे ।हनुमान को विदा करने की शक्ति तो राम में थी ही नहीं ।


माता सीता भी हनुमान को पुत्रवत मानती थी। अत: हनुमान अयोध्या में ही रह गए ।राम दिनभर दरबार में, शासन व्यवस्था में व्यस्त रहते थे। संध्या को जब शासकीय कार्यों में छूट मिलती तो गुरु और माताओं का कुशल-मंगल पूछ अपने कक्ष में जाते थे। परंतु हनुमान जी हमेशा उनके पीछे-पीछे ही रहते थे ।


उनकी उपस्थिति में ही सारा परिवार बहुत देर तक जी भर बातें करता ।फिर भरत को ध्यान आया कि भैया-भाभी को भी एकांत मिलना चाहिए ।उर्मिला को देख भी उनके मन में हूक उठती थी कि इस पतिव्रता को भी अपने पति का सानिध्य चाहिए ।

एक दिन भरत ने हनुमान जी से कहा,"हे पवनपुत्र! सीता भाभी को राम भैया के साथ एकांत में रहने का भी अधिकार प्राप्त है ।क्या आपको उनके माथे पर सिन्दूर नहीं दिखता?इसलिए संध्या पश्चात आप राम भैया को कृप्या अकेला छोड़ दिया करें "।
ये सुनकर हनुमान आश्चर्यचकित रह गए और सीता माता के पास गए ।


माता से हनुमान ने पूछा,"माता आप अपने माथे पर सिन्दूर क्यों लगाती हैं।" यह सुनकर सीता माता बोलीं,"स्त्री अपने माथे पर सिन्दूर लगाती है तो उसके पति की आयु में वृद्धि होती है और वह स्वस्थ रहते हैं "। फिर हनुमान जी प्रभु राम के पास गए ।