About a month ago, I said to Jeffrey Toobin that it was Mike Flynn—not Paul Manafort—who had the *most* to offer Robert Mueller on the collusion question, underscoring that Flynn's December 2017 plea deal gave Mueller far more than we ever realized. Now here we are, 10 months on.

2/ Trump had two opportunities to formally name Flynn and his co-conspirator Erik Prince to his NatSec team during the 2016 campaign—he declined to do so *both times*. In the criminal justice system this is evidence of consciousness of guilt. Trump knew what these men were doing.
3/ That Trump sought out Flynn—not the other way around—in August '15, and began using him as his chief NatSec adviser right away, but never put him on his National Security Advisory Committee is critical evidence that Flynn was working on projects that had to be "off the books."

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This is a pretty valiant attempt to defend the "Feminist Glaciology" article, which says conventional wisdom is wrong, and this is a solid piece of scholarship. I'll beg to differ, because I think Jeffery, here, is confusing scholarship with "saying things that seem right".


The article is, at heart, deeply weird, even essentialist. Here, for example, is the claim that proposing climate engineering is a "man" thing. Also a "man" thing: attempting to get distance from a topic, approaching it in a disinterested fashion.


Also a "man" thing—physical courage. (I guess, not quite: physical courage "co-constitutes" masculinist glaciology along with nationalism and colonialism.)


There's criticism of a New York Times article that talks about glaciology adventures, which makes a similar point.


At the heart of this chunk is the claim that glaciology excludes women because of a narrative of scientific objectivity and physical adventure. This is a strong claim! It's not enough to say, hey, sure, sounds good. Is it true?
#Thread
महात्मा की खाल ओढ़े ऐक भेड़िये का सच!!

मनु बेन के आइने में गांधी:

मनु बेन महात्मा गाँधी के अंतिम वर्षों की निकट सहयोगी थीं। मनु को प्रायः गाँधीजी की पौत्री कहा जाता है। वास्तव में यह रिश्ता बहुत दूर का था। वह गाँधीजी के चाचा की प्रपौत्री थी।

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लगभग अशिक्षित, सोलह-सत्रह वर्ष की लड़की, जिस के पिता जयसुखलाल गाँधी एक लाचार से साधारण व्यक्ति थे। उसी मनु को लेकर गाँधी के ‘ब्रह्मचर्य प्रयोग’ न केवल गाँधी के जीवन के अंतिम प्रयोग हैं, बल्कि सर्वाधिक विवादास्पद भी।

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गाँधी की जिद और उन के परिवार व निकट सहयोगियों के विरोध का यह दौर 1946-1947 ई. के दौरान कई महीने चला। इस पर गाँधी से उन के पुत्र देवदास तथा सरदार पटेल, किशोरलाल, नरहरि, आदि सहयोगियों ने गाँधी से आंशिक/ पूर्ण संबंध-विच्छेद तक कर लिया था।

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जिन लोगों ने तीखा विरोध किया उन में ठक्कर बापा, बिनोबा भावे, घनश्याम दास बिड़ला, आदि भी थे। आजादी से पहले एक बार सरदार पटेल ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि गांधी जी के ब्रह्मचर्य के ये प्रयोग बन्द कर दिए जाने चाहिए। परन्तु नेहरू ने कभी इन प्रयोगों पर प्रश्न नही उठाया।

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शायद इसी कारण सरदार पटेल को प्रधानमंत्री नही बन सके। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 25 जनवरी 1947 को गांधी जी को पत्र लिखा था, जिसमें उनके प्रयोग को भयंकर भूल बताते हुए उसे रोकने को कहा था। पटेल ने लिखा था कि ऐसे प्रयोग से उनके अनुयायियों को गहरी पीड़ा होती है।

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क्या आपको पता है?

राजस्थान का एक भी जिला मुगलों के नाम पर नहीं है,

राजस्थान के 33 जिले है जिनके नाम हैं, गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, बाडमेर, जालोर, सिरोही, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा, बारां, सवाईमाधोपुर,...


...करौली, धौलपुर, भरतपुर, अलवर, जयपुर, सीकर, झुंझुनू, चूरु, भीलवाड़ा, हनुमानगढ़, नागौर, जोधपुर, पाली, अजमेर, बूंदी, राजसमंद, टोंक,दौसा

कृपया इन नामों को ध्यान से देखें क्योंकि इन नामों में एक भी मुगलों के नाम नहीं है अर्थात एक भी जिले का नाम मुगलो पर नही है,...


...इन जिलों के नाम से ही पता चलता है,राजपूतो के शौर्य और बलिदान की गाथा,अब जानिए एक एक जिले का परिचयः

अजमेर:अजमेर 27 मार्च 1112 में चौहान राजपूत वंश के तेइसवें शासक अजयराज चौहान ने बसाया,

बीकानेर : बीकानेर का पुराना नाम जांगल देश,राव बीका जी राठौड़ के नाम से बीकानेर पड़ा,


गंगानगर : महाराजा गंगा सिंह जी से गंगानगर पड़ा,

जैसलमेर : जैसलमेर, महारावल जैसलजी भाटी ने बसाया,

उदयपुर : महाराणा उदय सिंह सिसोदिया जी ने बसाया उनके नाम से उदयपुर पड़ा,

बाड़मेर : बाड़मेर को राव बहाड़ जी ने बसाया,


जालौर : जालौर की नींव 10वी शताब्दी में परमार राजपूतों के द्वारा रखी गई,बाद में चौहान,राठौड़,सोलंकी आदि राजवंशो ने शासन किया,

सिरोही : राव सोभा जी के पुत्र, शेशथमल ने सिरानवा हिल्स की पश्चिमी ढलान पर वर्तमान शहर सिरोही की स्थापना की थी उन्होंने वर्ष 1425 ईसवी..

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This is NONSENSE. The people who take photos with their books on instagram are known to be voracious readers who graciously take time to review books and recommend them to their followers. Part of their medium is to take elaborate, beautiful photos of books. Die mad, Guardian.


THEY DO READ THEM, YOU JUDGY, RACOON-PICKED TRASH BIN


If you come for Bookstagram, i will fight you.

In appreciation, here are some of my favourite bookstagrams of my books: (photos by lit_nerd37, mybookacademy, bookswrotemystory, and scorpio_books)