Pandit ? Jawaharlal Nehru?

Jawaharlal Nehru's grandfather Ganga Dhar was actually a sunni muslim his real name was Gayasuddin Ghazi.

He was Kothwal of Delhi while Bahadur Shah Zafar was the Sultan of Delhi, how odd to appoint a Hindu for an important post!

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Further investigations were done too, but they couldn't find the name 'Ganga Dhar' as the city's Kothwal at all.

So how did he adopt his last name as 'Nehru'?

There was a canal (Nahar) near by their house in Delhi, people started recognising them as Nehrus because of the NAHAR!
Source: Encyclopaedia of Indian War of Independence 1857-1947, Vol. 13.

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A #Thread on SKANDGUPTA VIKRAMADITYA - THE SAVIOUR OF INDIA
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भारत की मिट्टी में एक महान योद्धा स्कन्दगुप्त विक्रमादित्य का जन्म हुआ। जब संसार की सारी प्राचीन सभ्यताओं नें सबसे खूंखार और बर्बर हूणों के सामने घुटने टेक दिए तब हूणों के आतंक का विनाश करने यह महान् योद्धा ..


स्कन्दगुप्त निकल पड़े जिनका पराक्रम पूरे विश्व में अमर हुआ।
परमवीर स्कन्दगुप्त के महाप्रताप को जानने के लिए ये हूण कौन थे, कहां से आए थे और क्या चाहते थे इसको पहले समझना होगा।


हूण एक अमानुष बर्बर जाति के लोग थे जिन्होंने यूनान, मिस्र, ग्रीस और रोम को राख का ढ़ेर बना दिया था। ये इतने बर्बर थे कि बच्चों को चीर फाड़ कर, महिलाओं की दुर्दशा करके, फिर उनको जला कर, भून‌ कर खाते थे।


तीसरी और चौथी इसवी तक हूणों के अत्याचारों से सम्पूर्ण यूरोप थर्रा उठा था और देखते ही देखते समूचा रोमन साम्राज्य भी अतीत का हिस्सा बन गया। खूंखार हूण जब अट्टहास कर के जब रूस की ओर बढ़े तो वोल्गा नदी रूस के लोगों के रक्त से लाल हो उठी।


चीन और मंगोलिया के उत्तर पश्चिमी हिस्सों में जन्में बर्बर हूण प्रजाति की घुसपैठ से महाकाय चीन भी त्राहि त्राहि कर रहा था। हूण सबसे पहले बच्चों को निशाना बनाते थे ताकि अगली पीढ़ी नष्ट हो जाए इसके बाद वो महिलाओं को उठा ले जाते थे और पुरुषों को तड़पा तड़पा कर मारते थे। ..

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🌺श्री गरुड़ पुराण - संक्षिप्त वर्णन🌺

हिन्दु धर्म के 18 पुराणों में से एक गरुड़ पुराण का हिन्दु धर्म में बड़ा महत्व है। गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद सद्गती की व्याख्या मिलती है। इस पुराण के अधिष्ठातृ देव भगवान विष्णु हैं, इसलिए ये वैष्णव पुराण है।


गरुड़ पुराण के अनुसार हमारे कर्मों का फल हमें हमारे जीवन-काल में तो मिलता ही है परंतु मृत्यु के बाद भी अच्छे बुरे कार्यों का उनके अनुसार फल मिलता है। इस कारण इस पुराण में निहित ज्ञान को प्राप्त करने के लिए घर के किसी सदस्य की मृत्यु के बाद का समय निर्धारित किया गया है...

..ताकि उस समय हम जीवन-मरण से जुड़े सभी सत्य जान सकें और मृत्यु के कारण बिछडने वाले सदस्य का दुख कम हो सके।
गरुड़ पुराण में विष्णु की भक्ति व अवतारों का विस्तार से उसी प्रकार वर्णन मिलता है जिस प्रकार भगवत पुराण में।आरम्भ में मनु से सृष्टि की उत्पत्ति,ध्रुव चरित्र की कथा मिलती है।


तदुपरांत सुर्य व चंद्र ग्रहों के मंत्र, शिव-पार्वती मंत्र,इन्द्र सम्बंधित मंत्र,सरस्वती मंत्र और नौ शक्तियों के बारे में विस्तार से बताया गया है।
इस पुराण में उन्नीस हज़ार श्लोक बताए जाते हैं और इसे दो भागों में कहा जाता है।
प्रथम भाग में विष्णुभक्ति और पूजा विधियों का उल्लेख है।

मृत्यु के उपरांत गरुड़ पुराण के श्रवण का प्रावधान है ।
पुराण के द्वितीय भाग में 'प्रेतकल्प' का विस्तार से वर्णन और नरकों में जीव के पड़ने का वृत्तांत मिलता है। मरने के बाद मनुष्य की क्या गति होती है, उसका किस प्रकार की योनियों में जन्म होता है, प्रेत योनि से मुक्ति के उपाय...
@franciscodeasis https://t.co/OuQaBRFPu7
Unfortunately the "This work includes the identification of viral sequences in bat samples, and has resulted in the isolation of three bat SARS-related coronaviruses that are now used as reagents to test therapeutics and vaccines." were BEFORE the


chimeric infectious clone grants were there.https://t.co/DAArwFkz6v is in 2017, Rs4231.
https://t.co/UgXygDjYbW is in 2016, RsSHC014 and RsWIV16.
https://t.co/krO69CsJ94 is in 2013, RsWIV1. notice that this is before the beginning of the project

starting in 2016. Also remember that they told about only 3 isolates/live viruses. RsSHC014 is a live infectious clone that is just as alive as those other "Isolates".

P.D. somehow is able to use funds that he have yet recieved yet, and send results and sequences from late 2019 back in time into 2015,2013 and 2016!

https://t.co/4wC7k1Lh54 Ref 3: Why ALL your pangolin samples were PCR negative? to avoid deep sequencing and accidentally reveal Paguma Larvata and Oryctolagus Cuniculus?